शनिवार, 3 अप्रैल 2010

अजवाइन के औषधीय प्रयोग --------







औषधि के रूप में अजवाइन का प्रयोग प्राचीन काल से ही किया जाता रहा है! पाचक औषधि के रूप में इसका अन्यत्र विकल्प दुर्लभ है !

अजवान में चिरायते का कटु व पौष्टिक गुण, हींग का वायु नाशक गुण व काली मिर्च का अग्नि दीपन गुण है! इसी कारण कहा जाता है----"
एका यवानी शतमअन्नपातिका " अर्थात- एक अकेली अजवाइन ही सैकडों प्रकार के अन्न को पचाने में सहायक है !इसके कुछ औषधीय गुण निम्न हैं --

१- दो सौ ग्राम के आसपास मात्रा में अजवाइन को तवे पर गरम करके मलमल के कपडे में बांधकर पोटली बना लें, इसे गरम-गरम सूंघने से जुकाम कम हो जाता है ! या अजवाइन को महीन कर पीस करके दो से पांच ग्राम की मात्रा तक सूंघने से जुकाम, सिर दर्द आदि में लाभ होता है !

२- अजवाइन के चूर्ण की २ से ३ ग्राम मात्रा को गरम पानी या गरम दूध के साथ दिन में दो या तीन बार लेने से जुकाम, सिर दर्द, नजला ,मस्तक शूल व मस्तक कृमि में लाभ होता है !

३- खासी होने पर ५ ग्राम अजवाइन को २५० ग्राम पानी में पकायें आधा शेष रहने पर सैधा नमक मिलाकर रत्रि को सोने से पहले पी लें, लाभ होगा !
४- यदि दूध ठीक से न पचता हो तो दूध पीकर थोडी सी अजवाइन खा लेनी चाहिये ! यदि गेहूं का आटा न पचता हो तो उसमें थोडी सा अजवाइन का चूर्ण मिला लेना चाहिये !

५- शरीर में कहीं भी दर्द होने पर अजवाइन को पानी में पीस कर लेप करें, और फिर उसे धीरे-धीरे उपर से सेक दें, दर्द कम होगा !

६-स्वच्छ अजवाइन के महीन चूर्ण को ३ ग्राम की मात्रा में दिन में दो बार छाछ के साथ सेवन करने से पेट के कीडे समाप्त हो जाते हैं !

७- पेट दर्द होने पर ३ ग्राम अजवाइन चूर्ण गरम पानी से प्रात: व सायं दोनों टाइम लें !

८- ३ ग्राम अजवाइन मे आधा ग्राम काला नमक मिलाकर गरम पानी के साथ दिन में दो या तीन बार लेने से वायु का गोला दूर होता है !

९- भोजन के बाद यदि छाती में जलन होती हो तो एक ग्राम अजवाइन व एक गिरी बादाम की खूब चबाकर खायें !

१०- प्रसूता स्त्रियों को अजवाइन के लड्डू व भोजन के बाद दो ग्राम अजवाइन की फंकी देनी चाहिये, इससे भूख अच्छी लगती है, आतों के कीडे मरते हैं व रोगों से बचाव होता है !

११- २ ग्राम अजवाइन को २ ग्राम गुड के साथ कूट कर ४ गोली बना लें व तीन -तीन घंटे के बाद पानी से ले लें ,इससे बहुमूत्र रोग दूर होता है !

१२- यदि बच्चों के पैर में कांटा चुभ जाये तो कांटा चुभने के स्थान पर पिघले हुये गुड मे १० ग्राम पिसी हुई अजवाइन मिलाकर थोडा गरम कर बांध देने से कांटा अपने आप निकल जायेगा !

5 टिप्‍पणियां:

Jandunia ने कहा…

महत्वपूर्ण जानकारी दी आपने, धन्यवाद।

अनुनाद सिंह ने कहा…

उपयोगी जानकारी।

मैने इसका लिंक हिन्दी विकि के 'अजवायन' नामक लेख में दे दिया है।

मनोज कुमार ने कहा…

अच्छी रचना। बधाई। ब्लॉगजगत में स्वागत।

Dhiraj Shah ने कहा…

behatarin jankari

जयराम “विप्लव” { jayram"viplav" } ने कहा…

" बाज़ार के बिस्तर पर स्खलित ज्ञान कभी क्रांति का जनक नहीं हो सकता "

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